गाजीपुर, जनवरी 31 -- दिलदारनगर। स्थित माई जी कुटिया परिसर में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ विधिवत पूजन-अर्चन के साथ किया गया। कथा शुरू होते ही क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय हो गया। कथा व्यास स्वामी हरीशानंद ने कहा कि कलयुग के प्रभाव से बचने के लिए भगवान की भक्ति अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ध्रुव का उदाहरण देते हुए कहा कि जब उन्हें नारद जैसे गुरु मिले, तब भगवान की प्राप्ति संभव हुई। गुरु के बिना ज्ञान असंभव है और ज्ञान के बिना कलयुग के ताप से मुक्ति नहीं मिल सकती। स्वामी हरीशानंद ने बताया कि यह सात दिवसीय उत्सव मानव जीवन में आध्यात्मिक जागृति, ज्ञान और श्रीकृष्ण भक्ति लाने का माध्यम है। श्रीमद् भागवत कथा न केवल पापों का नाश कर मोक्ष प्रदान करती है, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, योग और ज्ञान के माध्यम से मानसिक शांति और पारि...