गोरखपुर, सितम्बर 25 -- गोरखपुर, निज संवाददाता। युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन वृंदावन से पधारे कथा व्यास जगद्गुरु स्वामी राजेंद्रदास देवाचार्य महाराज ने व्यास पीठ से श्रद्धालुओं को भक्ति, गुरु महिमा एवं आध्यात्मिक जीवन का संदेश दिया। यह भी पढ़ें- Shamli News: ईश्वर को केवल प्रेम और समर्पण के धागे से ही जा सकता है बांधागुरु की महिमा उन्होंने कहा कि शास्त्र-वचन को तर्क की कसौटी पर कसा जा सकता है, किंतु जिस गुरु के चरणों में स्वयं को समर्पित कर दिया है, वहां तर्क नहीं करना चाहिए। गुरु ने जैसा कहा है, उसे बिना विचार किए स्वीकार करना चाहिए। तभी जीवन का वास्तविक कल्याण संभव है।वास्तविक कल्याण कथा व्यास ने कहा कि लौकिक वस्तुओं...