मथुरा, जुलाई 29 -- जयगुरुदेव आश्रम में गुरु पूर्णिमा सत्संग मेला में बुधवार प्रातः सांस्थाध्यक्ष पंकज महाराज ने गुरु का ध्यान किया और अनमोल मानव शरीर, कर्म, शाकाहार, शरीर में छुपे मन रूपी दुश्मन आदि के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि गुरु के ध्यान और सत्संग से ही आत्मा का कल्याण संभव है। पंकज महाराज ने कहा कि जिस प्रकार समुद्र की लहरों का संबंध समुद्र के साथ होता है, उसी तरह गुरु का संबंध शब्द के साथ होता है। यह भी पढ़ें- Gopalganj News: जग में गुरु से बड़ा न कोय, गुरु चरणों में श्रद्धा से झुके हजारों शीशगुरु की भक्ति का महत्व इसलिए गुरु के ध्यान के माध्यम से शब्द सुरत को खींच कर अपने में मिला लेता है। ऐसी दशा में मन दुनिया की तरफ से सो जाता है और ईश्वर की तरफ से जाग जाता है। यानि प्रभु की तरफ से आंख वाला हो जाता है। जब तक हमार...