गुरु की आज्ञा, निस्वार्थ प्रेम और भगवान के नाम में ही कल्याण
भभुआ, जुलाई 19 -- गुरु की आज्ञा, निस्वार्थ प्रेम और भगवान के नाम में ही कल्याण शिव-पार्वती संवाद, नारद मुनि, भरत, गोपियों और शुकदेव के प्रसंगों को सुनाया जीयर स्वामी जी महाराज ने गुरु-भक्ति और निष्काम प्रेम की महिमा का किया वर्णन भभुआ, नगर संवाददाता।
गुरु-भक्ति का महत्व भभुआ के परसियां में चल रहे चातुर्मास महायज्ञ में रविवार को कथावाचक जीयर स्वामी जी महाराज ने भगवान शिव, माता पार्वती, देवर्षि नारद, भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, भरत और महर्षि शुकदेव से जुड़े प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया और कहा कि मनुष्य का वास्तविक कल्याण गुरु की आज्ञा, निस्वार्थ प्रेम, भगवान के नाम और सत्संग में ही निहित है।
श्रद्धा और समर्पण उन्होंने कहा कि सांसारिक प्रेम प्राय: स्वार्थ से जुड़ा होता है, जबकि ईश्वर और भक्त का संबंध त्याग, विश्वास और समर्पण पर आधारित होता ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.