लखनऊ, फरवरी 24 -- लखनऊ, संवाददाता। शहर के गुरुद्वारों में चार मार्च को होला महल्ला श्रद्धापूर्वक मनाया जाएगा। होला महल्ला की शुरुआत गुरु गोविंद सिंह ने सिखों में वीरता का रस भरने के लिए की थी। यहियागंज गुरुद्वारा के सचिव मनमोहन सिंह हैप्पी ने बताया कि होला महल्ला के पर्व पर एक-दूसरे पर फूल तथा गुलाल फेंका जाता है। निहंग सिंह गतके का बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं। यह आत्मरक्षा करने तथा हमला करने की सबसे बड़ी कला है। यहियागंज गुरुद्वारा में चार मार्च की शाम सात बजे से रात 11 बजे और पांच मार्च की सुबह पांच से शाम पांच बजे तक होला महल्ला मनाया जाएगा।
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