नई दिल्ली, अप्रैल 6 -- सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के गुरुग्राम में तीन साल की बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म के मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) को सोमवार को निर्देश दिया कि वह उसके घर सादे कपड़ों में और एक मनोवैज्ञानिक के साथ जाकर उसका बयान दर्ज करे। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत तथा न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने महिला सदस्यों वाली विशेष जांच टीम (एसआईटी) को जांच पूरी करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया। पीठ ने मामले की सुनवाई कर रही अधीनस्थ अदालत को यह भी निर्देश दिया कि एसआईटी द्वारा आरोपपत्र दाखिल किए जाने तक आरोपियों की कोई भी जमानत याचिका स्वीकार न की जाए। सीजेआई ने कहा कि एसआईटी सदस्यों को बाल परामर्शदाताओं के साथ जाना चाहिए। कृपया सामान्य कपड़ों में जाएं। बच्ची पर कोई मनोवैज्ञानिक प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। उसके माता-पिता के ...
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