मऊ, जनवरी 9 -- मऊ, संवाददाता। जीवनराम इंटर कॉलेज छात्रावास के मैदान में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के पांचवें दिन गुरुवार की शाम कथा व्यास रितेश जी महाराज ने प्रभु श्रीराम की मनमोहक बाल लीलाओं और उनके गुरुकुल गमन का विस्तार से वर्णन किया। कथावाचक ने कहा कि आज की आधुनिक शिक्षा हमें साक्षर तो बना रही है, लेकिन शिक्षित और संस्कारित बनाने के लिए प्राचीन भारतीय गुरुकुल पद्धति की मर्यादाओं को अपनाना आवश्यक है। कहा कि गुरुकुल में राजा का पुत्र हो या साधारण बालक, सभी एक समान अनुशासन का पालन करते थे। कथा के अंत में उन्होंने अभिभावकों से अपील किया कि वे अपने बच्चों को भौतिक सुख-सुविधाओं के साथ-साथ रामायण और गीता के संस्कारों से भी जोड़ें। इस अवसर पर प्रकाश चंद्र राय, दिनेश बर्नवाल, राजू बर्नवाल, आनंद गुप्ता, सुनील यादव, अनिल पाण्डेय, मनोज राय, प्र...
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