फरीदाबाद, अगस्त 13 -- फरीदाबाद, अभिषेक शर्मा। अरावली की पहाड़ियों से घिरे आर्य नगर स्थित गुरुकुल इंद्रप्रस्थ की एक छोटी-सी कोठरी आज भी देश के स्वतंत्रता संग्राम की गवाह बनी हुई है। इसी कोठरी में नेताजी सुभाष चंद्र बोस आजादी से पहले करीब आठ दिन तक भूमिगत रहे थे। यहां उन्होंने अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के साथ अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आंदोलन की रणनीतियों पर चर्चा की थी। आज इस ऐतिहासिक स्थल को शहीद स्मृति संग्रहालय के रूप में संरक्षित किया गया है, जहां पहुंचकर लोग स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी यादों से रूबरू होते हैं। गुरुकुल इंद्रप्रस्थ केवल नेताजी की यादों से ही नहीं जुड़ा है, बल्कि आजादी के आंदोलन के दौरान यह स्थान अनेक स्वतंत्रता सेनानियों की गतिविधियों का भी केंद्र रहा। यहां महात्मा गांधी, जयप्रकाश नारायण और लाला लाजपत राय जैसे नेताओं के आन...