बलिया, अगस्त 27 -- रामगढ़। महर्षि भृगु वैदिक गुरुकुलम में गुरुवार को श्रावणी उपाकर्म एवं ऋषि पूजन का आयोजन वैदिक विधि-विधान, मंत्रोच्चार एवं श्रद्धाभाव के साथ हुआ। श्रावणी उपाकर्म वैदिक परंपरा में ऋषि-स्मरण, आत्मशुद्धि, वेदाध्ययन के नवीनीकरण एवं यज्ञोपवीत धारण का महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इसी भाव के साथ गुरुकुल में ऋषि पूजन एवं तर्पण, यज्ञोपवीत धारण तथा चारों वेदों का पाठ एवं स्वाध्याय विधिवत संपन्न कराया गया। वेद विद्यार्थियों के मंत्रोच्चार से गुरुकुल परिसर का वातावरण आध्यात्मिक एवं भक्तिमय हो उठा। इस अवसर पर महर्षि भृगु वैदिक गुरुकुलम् के आचार्य मोहित पाठक ने कहा कि महर्षि भृगु की यह पावन धरती और मां गंगा का तट हमारी ऋषि परंपरा की आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। यह भी पढ़ें- वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किया गया श्रावणी उपकर्म श्रावणी उ...