गुरुओं की तपोभूमि संवार रहा पर्यटन विभाग
लखनऊ, जुलाई 28 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता उत्तर प्रदेश ऋषि-मुनियों और आचार्यों की समृद्ध गुरु परंपरा की धरती रही है। राज्य का पर्यटन विभाग इसी विरासत को नया आयाम देने में जुटा है। गुरु परंपरा से जुड़े कई महत्वपूर्ण स्थानों में पर्यटन सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
परियोजनाएं पर्यटन विभाग के मुताबिक राज्य के तीर्थ, आश्रम और धामों को संरक्षित और विकसित करने के लिए कई परियोजनाओं पर काम किया गया और कुछ इनमें से पूरी हो चुकी हैं। महोबा के गोरखगिरि पर्वत पर नाथ संप्रदाय के प्रमुख आस्था केंद्र में 11.25 करोड़ रुपये की लागत से गुरु गोरखनाथ की 51 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा स्थापित की गई है। अमेठी के जायस में गुरु गोरखनाथ की 25 फीट ऊंची योग मुद्रा वाली कांस्य प्रतिमा का निर्माण करवाया जा रहा है।
विकास कार्य वाराणसी स्थित संत रविदास की जन्मस्थली सीर गो...
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