मिर्जापुर, जुलाई 21 -- विन्ध्याचल। गुप्त नवरात्रि के पावन अवसर पर विन्ध्याश्रम में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद्देवीभागवत महापुराण कथा के छठवें दिन जबलपुर से पधारे जगद्गुरु डॉ. बालगोविंदाचार्य महाराज ने मां के 51 शक्तिपीठों की दिव्य महिमा का विस्तृत वर्णन किया। कहा कि जहां-जहां माता सती के दिव्य अंग, आभूषण अथवा वस्त्र गिरे, वे स्थान आज शक्तिपीठों के रूप में समस्त सनातन जगत की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। उन्होंने 51 शक्तिपीठों की महिमा, उनके आध्यात्मिक महत्व तथा प्रत्येक शक्तिपीठ में विराजमान मां भगवती के दिव्य स्वरूप का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। बताया कि सच्चे मन से माता का स्मरण और आराधना करने वाले भक्तों पर मां की असीम कृपा सदैव बनी रहती है। यह भी पढ़ें- गुप्त नवरात्र में षष्टी तिथि पर मां के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु शक्तिपीठों की दिव्...