संभल, फरवरी 27 -- क्षेत्र में प्रस्तावित एक बाल विवाह पर न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए रोक लगा दी है। सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 की धारा 13(6) के तहत आदेश पारित कर स्पष्ट किया है कि युवक-युवती के बालिग होने तक विवाह संपन्न नहीं कराया जाएगा। परिवादिनी कमलेश ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनके पुत्र विजय (जन्मतिथि 8 फरवरी 2008) का विवाह सावित्री नामक अवयस्क युवती से 8 फरवरी 2026 को तय किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश के अंकपत्र एवं आधार कार्ड की प्रति प्रस्तुत की गई, जिससे विजय के नाबालिग होने की पुष्टि हुई। अदालत ने अभिलेखों के अवलोकन के बाद पाया कि दोनों ही वैधानिक आयु पूर्ण नहीं कर पाए हैं। इस आधार पर न्यायालय ने विवाह पर तत्काल प्रभाव से ...
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