भदोही, जनवरी 29 -- भदोही, संवाददाता। गुनाहों से मगफेरत (माफी) और पुरखों के लिए प्रार्थना करने वाले प्रमुख पर्व शब-ए-बरात पर्व तीन फरवरी को मनाया जाएगा। कालीन नगरी में पर्व की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। बुजुर्गों के आस्तानों, कब्रिस्तानों की साफ-सफाई के साथ साथ प्रकाश व्यवस्था की जा रही है। मौलाना ने कहा कि शब-ए-बरात रूप में अल्लाह ताअला ने एक ऐसी रात का तोहफा दिया है, जिसमें की गई इबादत अन्य दिनों की इबादत से हजार गुना बेहतर होती है। इसका जहां सवाब अधिक मिलता है वहीं अल्लाह की बारगाह में मांगी गई दुआएं कबूल होती हैं। कहा कि कब्रिस्तानों में जाकर अपने परिवार के बुजुर्गों की मगफेरत (क्षमा) के लिए दोआ करनी चाहिए। इसी तरह अल्लाह के महबूब बंदों को आस्तानों पर जाना चाहिए। उधर पर्व के मद्देनजर कब्रिस्तानों, मजारों, बुजुर्गों के आस्तानों की...
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