साहिबगंज, अप्रैल 3 -- साहिबगंज। ईसाई समुदाय के लिए गुड फ्राइडे विशेष महत्व का दिन है। ईसाईयों के पवित्र ग्रंथ बाइबल के अनुसार करीब दो हजार साल पहले इसी दिन प्रभु यीशु ने मनुष्यों को उद्धार दिलाने के लिए क्रूस पर अपना बलिदान दिया था। सीएनआई चर्च धर्मपुर के रेव्ह दानियल मुर्मू ने बताया कि प्रभु यीशु मसीह के आने से पहले वहां के लोग अपने पापों से उद्धार पाने के लिए भेड़ के बच्चे की बलि दिया करते थे। भेड़ के छोटे बच्चे को मेमना कहा जाता है। पुराने समय में ऐसी मान्यता थी कि नन्हे मेमना के लहु यानी खून से लोगों को उसके पापों से मुक्ति मिलेगी। हालांकि उसी समय कई विद्वानों ने भविष्यवाणी की थी कि यहोवा परमेश्वर अपने पुत्र को मनुष्यों के बीच भेजेगा। जिसके पवित्र बलिदान से सभी लोगों को पापों से उद्धार मिलेगा। बाइबल के न्यू टेस्टामेंट में मत्ती, मार्क औ...
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