रिषिकेष, जनवरी 29 -- हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (एचआईएमएस) जौलीग्रांट में क्लीनिकल रिसर्च और चिकित्सा नैतिकता (मेडिकल एथिक्स) की बारीकियों को समझाने के लिए पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आगाज गुरुवार को हुआ। इस दौरान विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य सेवाओं में ईमानदारी और गुड क्लीनिकल प्रैक्टिस (जीसीपी) के महत्व पर प्रकाश डाला। संस्थान के क्लीनिकल रिसर्च विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत गुरु वंदना से हुई। मुख्य अतिथि एवं प्राचार्य डॉ. रेनू धस्माना ने कहा कि एक चिकित्सक और मरीज का रिश्ता केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अटूट विश्वास और सहानुभूति पर टिका होता है। डॉ. किरण भट्ट ने जोर दिया कि शोध की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए मरीजों की सुरक्षा और रिसर्च की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जा सकता। इसके लिए गुड क्लीनिक...
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