सीवान, अगस्त 24 -- गुठनी, एक संवाददाता। सरयू नदी के अचानक बढ़ते जलस्तर से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं। इसका सबसे बड़ा कारण भीषण गर्मी और सुखाड़ के बाद अब बाढ़ और जलजमाव का लगातार उन्हें सामना करना पड़ रहा है। कारण सरयू नदी के दुबारा जलस्तर बढ़ने के बाद निचले इलाकों में बाढ़ का पानी तेजी से घुस गया है। जिससे करीब 530 एकड़ कृषि योग्य भूमि जलमग्न हो गई है। जबकि 16 गांवो के किसानो के सामने खरीफ फसलों की खेती को बचाने की भी कोई विकल्प नहीं है। किसानो का कहना है की पहले से खेतो मे बाढ़ का पानी जमा हुआ था। अब दोबारा बाढ़ आने से खेतों में लगे पानी को निकल से महीने लग जाएंगे। सरयू नदी और गंडक में लगातार तीसरे दिन जलस्तर में वृद्धि जारी है। इससे आधा दर्जन से अधिक गांव के निचले इलाकों में पानी घुस गया। जल संसाधन विभाग के जेई शुभम...