प्रयागराज, मार्च 30 -- पत्नियां अकसर गुजारा भत्ता पाने के लिए कोर्ट में अपने पति की मासिक कमाई को बढ़ा-चढ़ाकर बताती हैं। यदि वे ऐसा करती भी हैं तो उनके खिलाफ कोई ऐक्शन नहीं लिया जा सकता। इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस राज बीर सिंह ने एक शख्स की याचिका को खारिज करते हुए यह बात कही। इस याचिका में पति ने कहा था कि उनकी वाइफ ने गुजारा भत्ता ज्यादा पाने के लिए मेरी मासिक कमाई को बढ़ा-चढ़ाकर बताया। उनका कहना था कि मेरी मासिक कमाई 11 हजार रुपये महीना है, जबकि मेरी कमाई को 80 हजार रुपये मासिक बताया गया। अदालत ने कहा कि यह मामला फैमिली कोर्ट में अब भी लंबित है। इस मामले में महिला के दावों और तथ्यों पर विचार किया जाएगा। बेंच ने कहा, 'यह एक आम धारणा है कि सीआरपीसी के सेक्शन 125 के तहत चलने वाले ऐसे मामलों में अकसर पत्नियां अपने पति की कमाई को बढ़ाकर ब...