नई दिल्ली, अप्रैल 4 -- गुजरात हाईकोर्ट ने किसी भी तरह के फैसले लेने, न्यायिक तर्क देने, आदेश लिखने या जजमेंट तैयार करने, जमानत या सजा पर विचार करने, या किसी भी जरूरी न्यायिक प्रक्रिया के लिए एआई के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट की एआई पॉलिसी के मुताबिक, जिसे शनिवार को गुजरात में जिला अदालतों के जज की एक कॉन्फ्रेंस में जारी किया गया। नीति के अनुसार, इन प्रौद्योगिकियों में 'काफी जोखिम होते हैं, जिनमें मतिभ्रम, पूर्वाग्रह, गोपनीयता का उल्लंघन और न्यायिक स्वतंत्रता का क्षरण शामिल हैं। इनका सावधानीपूर्वक और संस्थागत अनुशासन के साथ संभालना जरूरी है।नीति दस्तावेज के अनुसार व्यापक रूप से, एआई का उपयोग न्यायिक निर्णय, न्याय निर्णय, तर्क, कानून के अनुप्रयोग, तथ्यों की व्याख्या, तर्कों के मूल्यांकन, अधिकारों/देयताओं के निर्धारण, सजा, जमानत, अं...