सराईकेला, जुलाई 24 -- सरायकेला। सरायकेला स्थित गुंडिचा मंदिर (मौसीबाड़ी) में भगवान जगन्नाथ अपने दुर्लभ मत्स्य अवतार में भक्तों को दर्शन दिए। इस विशेष स्वरूप के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा को विभिन्न रूपों में सजाने की अत्यंत प्राचीन और अनूठी परंपरा है। गुंडिचा मंदिर में आयोजित होने वाली यह वेष सज्जा परंपरा यहां की रथयात्रा की प्रमुख विशेषता मानी जाती है। मान्यताओं और इतिहास के अनुसार, इस विशेष वेष परंपरा की शुरुआत सरायकेला में 1970 के दशक में हुई थी। प्रारंभ में गुरु प्रसन्न कुमार महापात्र और डोमन जेना जैसे वरीय कलाकारों ने प्रभु जगन्नाथ को अलग-अलग वेष में सजाकर प्रदर्शित किया जाता था। यह भी पढ़ें- सरायकेला: ऐतिहासिक गुंडिचा मंदिर में भगवान...