प्रयागराज, सितम्बर 17 -- Allahabad Highcourt: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा है कि न्यायालय के लगातार फैसलों के बावजूद प्रदेश के अधिकारी और राज्य सरकार यूपी गुंडा एक्ट का इस्तेमाल दमन के हथियार के तौर पर कर रहे हैं। न्यायमूर्ति संदीप जैन ने कहा कि नौकरशाही को गैरकानूनी और मनमाने आदेश जारी करना बंद करना होगा, वरना उन्हें हर्जाना भरना पड़ सकता है। अब तक यह कोर्ट उन अधिकारियों पर हर्जाना लगाने से बचता रहा है, जो 1970 के एक्ट के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए लगातार मनमाने आदेश कर रहे हैं, लेकिन अब समय आ गया कि नौकरशाही को कड़ा संदेश दिया जाए कि ऐसा करना बंद करें, वरना 1970 के एक्ट के तहत शक्तियों के मनमाने और गैरकानूनी इस्तेमाल के लिए उन्हें हर्जाना भरना पड़ सकता है।50 हजार रुपये का हर्जाना देने का आदेश कोर्ट ने यह टिप्पणी गाजि...