नई दिल्ली, मार्च 18 -- सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के एक टोल प्लाजा पर तोड़फोड़ करने और साथी वकील के दफ्तर में भी तोड़फोड़ करने पर वकीलों को कड़ी फटकार लगाई। शीर्ष अदालत ने कहा कि वकीलों की गुंडागर्दी वाली इस हरकत से वकालत का पेशा दागदार हो गया है। सुनवाई के दौरान जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने बाराबंकी बार एसोसिएशन के सदस्यों की भूमिका की कड़ी निंदा की। पीठ ने कहा कि सामने आए तथ्यों से हालात की बेहद दुखद तस्वीर उभरती है। कानूनी पेशा, जिसे कभी एक नेक और इज्जतदार पेशा माना जाता था। 14 जनवरी को टोल प्लाजा पर हुए झगड़े के बाद की गई गुंडागर्दी वाली हरकतों से साफ तौर पर कलंकित और बदनाम हो गया है। हम वकीलों के बीच भाईचारे की भावना को समझ सकते हैं, लेकिन यह भावना किसी भी तरह से उस हिंसा और क़ानून-व्यवस्था के उल्ल...