गीली विधि से धान की बुआई करने की सलाह, वैज्ञानिक तरीके अपनाने पर जोर
समस्तीपुर, मई 29 -- रोसड़ा। रोहिणी नक्षत्र के साथ धान की खेती की तैयारी शुरू हो गई है। कृषि विभाग ने किसानों को वैज्ञानिक तरीके से नर्सरी तैयार करने और गीली विधि से धान की बुआई करने की सलाह दी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सही तकनीक अपनाने से धान की उपज में वृद्धि होगी और पौधों का विकास भी बेहतर होगा। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार धान की नर्सरी तैयार करने के लिए खेत की मिट्टी उपजाऊ एवं समतल होनी चाहिए। नर्सरी की क्यारी में प्रति एकड़ लगभग पांच क्विंटल सड़ी गोबर खाद, 20 किलो यूरिया, 20 किलो डीएपी तथा पांच किलो जिंक मिलाना लाभकारी माना गया है। इससे पौधों को शुरुआती अवस्था में पर्याप्त पोषण मिलता है। कृषि विभाग ने किसानों को गीली विधि से बुआई करने की सलाह दी है। इसके तहत खेत में करीब पांच सेंटीमीटर तक पानी भरकर अंकुरित बीज को समान रूप से बिख...
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