बगहा, अप्रैल 18 -- बेतिया। जीवन भर साहित्य की अनवरत सेवा करने वाले 'गीतों के राजकुमार' श्री नेपाली जी को आत्मसात किए बिना हम सब का जीवन अधूरा है। उक्त बाते सरिता सिंह नेपाली ने शुक्रवार को कही। राष्ट्रकवि गोपाल सिंह नेपाली की पुण्यतिथि के अवसर पर संस्कार भारती एवं आरोही कला संस्कृति वेलफेयर ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में माल्यार्पण कर उन्हें भावांजलि अर्पित की। संस्कार भारती के जिला अध्यक्ष ज्ञानेंद्र शरण ने कहा कि उनकी लेखनी अपने समय से काफी आगे की थी। मौके पर प्रभात कुमार झा, चमन सिंह नेपाली आदि थे। यशवर्द्धन सिंह एवं नीतू रानी नेपाली उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त कल्पना श्रीवास्तव, अरुण गोपाल, तरुण गुप्ता, विभांक धर मिश्र, अंशुमान कुमार, रानी चमन सिंह, अंबुज अनुपम, अखिलेश्वर मिश्र सहित बड़ी संख्या में साहित्य अनुरागी, बुद्धिजीवी और प्रबुद...
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