गीता व नाट्यशास्त्र मानवता के शाश्वत सांस्कृतिक पथप्रदर्शक : डॉ संध्या
रांची, अगस्त 2 -- रांची, विशेष संवाददाता। संगीत नाटक अकादमी दिल्ली व रांची विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित कला संवाद-15 के तहत शनिवार को विश्वविद्यालय में भगवद्गीता व नाट्यशास्त्र: मानवता की सांस्कृतिक धरोहर विषय पर राष्ट्रीय गोष्ठी हुई। इसमें देश से आए विद्वानों, कलाकारों, शोधार्थियों व छात्रों ने भाग लिया। मौके पर संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष डॉ संध्या पुरेचा ने कहा कि भगवद्गीता व नाट्यशास्त्र सिर्फ प्राचीन ग्रंथ नहीं, बल्कि मानवता के शाश्वत सांस्कृतिक मार्गदर्शक हैं।
युवा कलोत्सव उन्होंने कहा कि ये दोनों ग्रंथ मनुष्य को कर्तव्यबोध, संवेदनशीलता, सौंदर्यबोध, आत्मानुशासन और लोककल्याण की प्रेरणा देते हैं। वहीं, अनिल झा ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता का निष्काम कर्म, समत्व व सार्वभौमिक मानवता का संदेश आज के समाज के लिए पहले से कहीं अधिक उपयोगी है।...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.