गीता का नया स्वरूप, रोमन में श्लोक और चित्रों से कर्मयोग सीखेंगे जेन-जी और अल्फा
प्रशान्त मिश्रा, सितम्बर 10 -- प्रशान्त मिश्रा, गोरखपुर। सनातन साहित्य की तीर्थ कही जाने वाली गोरक्षनगरी से एक बार फिर 'गीता' का नया स्वरूप प्रकाशित होने जा रहा है। नए कलेवर वाली यह गीता नई पीढ़ी यानी जेन-जी व अल्फा को विशेष अनुभूति कराएगी। इस संस्करण में संस्कृत श्लोकों के साथ मुद्रित रोमन लिप्यंतरण (रोमन रूप) को दुनिया का हर वर्ग आसानी से पढ़ सकेगा। प्रसंग की व्याख्या करने वाले रंगीन चित्रों को सहेजते हुए गीता का नव स्वरूप नई पीढ़ी को कर्मयोग के पथ पर प्रेरित करने में सहायक हो सकेगा। सनातन ग्रंथों के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के लिए प्रतिबद्ध गीताप्रेस लगातार नई-नई पुस्तकों पर काम कर रहा है। इस बार गीताप्रेस ने अपने व्यापक पाठक वर्ग के साथ-साथ जेन-जी और अल्फा को भी सनातन साहित्य से जोड़ने का उद्देश्य लिए एक अनूठी पहल की है। गीताप्रेस गी...
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