लखनऊ, फरवरी 17 -- फिक्की फ्लो लखनऊ चैप्टर ने मंगलवार को निशातगंज स्थित निजी होटल में एक अनूठा और बौद्धिक सत्र 'वाइन, साइंस एंड डिवाइन' आयोजित किया। इस दौरान डॉ. शीतल शपारिया ने भविष्य बताने की प्राचीन और रहस्यमयी कला 'वाइन रीडिंग' से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि वाइन रीडिंग, जिसे तकनीकी रूप से 'ओएनोमेंसी' कहा जाता है, भविष्यवाणी की एक प्राचीन पद्धति है। इसमें वाइन पीने के बाद गिलास के तल में बचे लाल वाइन के अवशेषों और पैटर्न का विश्लेषण किया जाता है। उन्होंने विस्तार से समझाया कि यह कला प्राचीन ग्रीक और रोमन परंपराओं से जुड़ी है। गिलास में बने आकार, रंग और सुगंध के आधार पर व्यक्ति की पर्सनैलिटी, रिश्तों और भविष्य की संभावनाओं का पता लगाया जाता है। पुराने समय में इसे देवताओं से संवाद का जरिया माना जाता था। उन्होंने बताया कि रोमन काल में...