बिहारशरीफ, अप्रैल 28 -- गिलानी : 500 बीघे में हैं आम के बगीचे, विदेशों तक जायके में घोलती है मिठास 18 किस्मों के आम की कभी थी वैश्विक मांग फोटो : मैंगो : अस्थावां प्रखंड के गिलानी गांव के लतीफ बाग में आम को दिखाते सब्बा आजम गिलानी। अस्थावां, निज संवाददाता/पप्पू कुमार। नालंदा की धरती अपने प्राचीन इतिहास और शिक्षा के लिए जानी जाती है। लेकिन, यहां के गांवों में कई ऐसी अनकही कहानियां छिपी हैं, जो आज भी लोगों को हैरत में डाल देती हैं। ऐसा ही एक ऐतिहासिक गांव अस्थावां प्रखंड की गिलानी है। यह गांव सदियों से विद्वानों, बड़े ओहदेदार अधिकारियों के लिए प्रसिद्ध रहा है। यह भी पढ़ें- अनूठी विरासत: जहां हिंदू भी शान से लगाते थे मुस्लिम सरनेम, अब दम तोड़ रही परंपरा लेकिन, सबसे खास अपने रसीले आमों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। एक दौर था जब गिलानी के ब...
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