अलीगढ़, मई 18 -- अलीगढ़। अचलताल क्षेत्र में स्थित श्री गिलहराज जी हनुमान मंदिर विश्व का एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां हनुमान जी की पूजा गिलहरी (गिलहराज) रूप में होती है। ज्येष्ठ माह के प्रत्येक बड़े मंगलवार को मंदिर में भव्य आयोजन होते हैं। मंदिर महंत योगी कौशल नाथ महाराज ने बताया कि रामायण कालीन मान्यता के अनुसार रामसेतु निर्माण के समय हनुमान जी ने गिलहरी रूप धारण किया था। जब प्रभु श्रीराम की वानर सेना रामसेतु बना रही थी, तब हनुमान जी ने एक गिलहरी का रूप धारण कर अपनी सेवा दी थी। मान्यता है कि राम जी ने उस गिलहरी की पीठ पर हाथ फेरा था, जिसके बाद उनकी पीठ पर तीन धारियां बन गईं। यह भी पढ़ें- Bada Mangal 2026: 19 मई को तीसरे बड़े मंगल पर ऐसे करें हनुमान जी की पूजा, बजरंगबली को ये 5 चीजें चढ़ाने से चमकेगी किस्मत इस प्राचीन मंदिर को सिद्ध संत महें...