बरेली, अक्टूबर 5 -- श्री राधा माधव संकीर्तन मंडल की ओर से आयोजित रासलीला एवं भक्त लीला के पांचवें दिन रविवार को गिरिराज पूजन और छप्पन भोग की लीला का मंचन हुआ। वृंदावन से आए स्वामी देवकीनंदन महाराज की मंडली ने प्रस्तुति दी। कथा में बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्र पूजा के बजाय गोवंश के संरक्षणकर्ता गिरिराज जी की पूजा करने के लिए प्रेरित किया। इससे क्रोधित इंद्र ने मूसलाधार बारिश कराई। ब्रजवासियों को बचाने के लिए श्रीकृष्ण ने कनिष्ठा उंगली पर गिरिराज पर्वत उठा लिया। अंत में इंद्र का अहंकार भंग हुआ और उन्होंने श्रीकृष्ण से क्षमा मांगी। गिरिराज जी को छप्पन भोग लगाया गया। यह भी पढ़ें- रासलीला में हुआ खाटू श्याम चरित्र का मंचन इस दौरान गिरिराज जी और गिरिराज धरण की जय के जयकारे लगे। प्रसाद वितरण के साथ लीला का समापन हुआ। सोमवार क...