गिरवर दास महाराज फिर बने CRPF जवान; 26 साल लंबी कानूनी लड़ाई और संघर्ष की कहानी
मुरैना, सितम्बर 2 -- जिंदगी में कई बार हालात इंसान को ऐसी राह पर ले जाते हैं, जिसकी उसने कभी कल्पना नहीं की होती है। लेकिन यदि जुनून हो तो इंसान वर्षों बाद भी अपने सपने तक लौट सकता है। मुरैना के छिछावली गांव निवासी गिरवर सिंह तोमर की कहानी कुछ ऐसी ही है। 26 साल पहले CRPF से बर्खास्त हुए गिरवर सिंह ने नौकरी छूटने के बाद संत का जीवन अपना लिया था। अब 26 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद उन्हें दोबारा CRPF में सेवा का मौका मिला है।वरिष्ठ अधिकारी से विवाद के हुए थे बर्खास्त गिरवर सिंह को किशोरावस्था से सेना में जाने का जुनून था। कड़ी मेहनत के बाद साल 1991 में उनका चयन CRPF में हुआ। करीब 8 साल तक उन्होंने सेवा की। इसी दौरान एक वरिष्ठ अधिकारी से उनका बड़ा विवाद हो गया। इसके बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई। अंत में 21 अक्टूबर 1999 को गिरवर ...
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