अमरोहा, अप्रैल 5 -- डोमखेड़ा के वृद्धाश्रम में गाय के गोबर और अन्य प्राकृतिक सामग्री से देवी-देवताओं की इको फ्रेंडली मूर्ति बनाई जा रही हैं। अपनों के द्वारा दुत्कारे गए वृद्ध इस कार्य को पूरे मनोयोग से कर रहे हैं। खास बात यह है कि यहां बनाई जा रहीं मूर्तियां पूरी तरह से बायो डि-ग्रेडेबल हैं और विसर्जन के बाद प्रकृति में मिल जाती है, जिससे जल प्रदूषण भी नहीं होता। बिना सरकारी सहायता संचालित आश्रम को वृद्धों के इस प्रयास से आर्थिक मदद भी मिल रही है। तहसील मुख्यालय से करीब पांच किमी की दूरी पर डोमखेड़ा गांव में बाबा घनश्याम दास जी महाराज वृद्धाश्रम है। संचालक देवीराम सैनी के मुताबिक आश्रम में इस समय 36 वृद्ध हैं। देवीराम सैनी पत्नी सविता सैनी के संग मिलकर आश्रम का संचालन करते हैं। आश्रम को सरकार से कोई भी वित्तीय सहायता नहीं मिलती है। कभी मश...