प्रयागराज विधि संवाददाता, अप्रैल 22 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले साल होली के समय के जंगल में एक गाय और दो बछड़ों की हत्या करने के आरोपी की रासुका के तहत हिरासत को सही ठहराया है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर एवं न्यायमूर्ति संजीव कुमार की खंडपीठ ने समीर की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर दिया है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि गाय की हत्या स्वतः ही तीव्र भावनाएं और हिंसक प्रतिक्रियाएं भड़काती है क्योंकि इससे समाज के एक बड़े वर्ग की धार्मिक भावनाओं को स्पष्ट रूप से ठेस पहुंचती है। कोर्ट ने आगे कहा कि ऐसे कृत्य के समाज में तत्काल और व्यापक परिणाम होते हैं, जिससे लगभग हमेशा बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क उठती है। यह हिंसा एक शांत समाज को नुकसान पहुंचाती है और जीवन की सामान्य गति को पूरी तरह से बाधित कर देती है। खंडपीठ ने अपने आदेश में टिप्पणी की कुछ ऐसे म...