झांसी, मार्च 12 -- मऊरानीपुर एक गौशाला परिसर चल रही श्रीराम कथा में आस्था उमड़ पड़ी। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि शास्त्रों में गाय को माता का स्थान दिया गया है। गाय सम्पूर्ण विश्व की माता है और उसके पंचगव्य दूध, दही, घी, गोबर और गौमूत्र औषधि स्वरूप माने गए है। उन्होंने बताया कि गाय का स्पर्श मात्र करने से पापों का क्षय होता है और जो व्यक्ति श्रद्धा से गौसेवा करता है उसे धन धान्य तथा सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। गौदान करने वाले को स्वर्ग की प्राप्ति का भी वर्णन शास्त्रों में मिलता है। इससे पहले व्यासपीठ पर विराजमान जगद्गुरु के चरण पादुका का पूजन, वंदन और अर्चन किया गया। साथ ही माता पार्वती द्वारा सीता को दिए गए सात आशीर्वाद, कैकेयी द्वारा राजा दशरथ से दो वरदान मांगना, भरत को राजगद्दी और श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास मिलने की कथा को वि...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.