देहरादून, मई 12 -- दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में मंगलवार को शिक्षाविद एवं साहित्यकार डॉ. इन्द्रजीत सिंह की पुस्तक "गायिकी की गंगा लता मंगेशकर" का लोकार्पण किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने भारत रत्न लता मंगेशकर के संगीत, व्यक्तित्व और भारतीय फिल्म संगीत में उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा की। शिक्षाविद और साहित्यकार डॉ. सुधारानी पांडेय ने कहा कि यह पुस्तक लता मंगेशकर के कालजयी व्यक्तित्व और भारतीय चित्रपट संगीत के इतिहास को शोधपरक दृष्टि से प्रस्तुत करती है।

कार्यक्रम के मुख्य बिंदु पुस्तक के लेखक डॉ. इन्द्रजीत सिंह ने कहा कि लता मंगेशकर की आवाज़ शब्दों को नई आत्मा प्रदान करती थी और उनके गायन में भाव, अर्थ और शुद्धता का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है।

विशिष्ट अतिथि की राय कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र ने कहा कि "लता मंगेशकर माँ सरस्...