वाराणसी, अप्रैल 3 -- वाराणसी। दशाश्वमेध घाट स्थित सिद्धपीठ श्रीबड़ी शीतला माता माई धाम में पांच दिवसीय संगीत समारोह के तृतीय निशा में गायन, वादन और नृत्य से कलाकारों ने मां की अर्चना की। गुरुवार को माता शीतला के शृंगार, पूजन और आरती के बाद सांस्कृतिक सत्र की शुरुआत हुई। गंगा किनारे सारी रात एक से बढ़कर एक भजन मुखर होते रहे। इन संध्या का शुभारंभ दिलीप शंकर और साथियों ने शहनाई की मंगलध्वनि से किया। कथक नृत्यांगना मांडवी सिंह और शांभवी सेठ के युगल कथक नृत्य ने सभी का मन मोह लिया। उनके साथ तबला पर अवंतिका महाराज, पं.भोलानाथ मिश्र ने संगत की। गायन में आनंद किशोर मिश्रा, बोल पढ़ंत में डॉ.ममता टंडन ने सहयोग किया। इसके बाद अदिति शर्मा, दिव्यंका श्रीवास्तव ने भावपूर्ण कथक पेश किया। भजन गायक डॉ.विजय कपूर ने पारंपरिक चैती 'जाइब देवी के दुवरिया हो रा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.