गायत्री साधना से लोक-परलोक दोनों होते हैं सँवर: देशबंधु
अयोध्या, जून 8 -- बीकापुर। रामपुर भगन स्थित श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित भारतीय संस्कृति एवं संस्कार विषयक गोष्ठी में वक्ताओं ने भारतीय संस्कृति के संरक्षण और गायत्री साधना के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शांतिकुंज हरिद्वार से आए अयोध्या जोन समन्वयक देशबंधु तिवारी ने कहा कि भारत की पहचान उसकी देव संस्कृति और वैदिक परंपरा से है। भारतीय संस्कृति का मूल वेद हैं और वेदों का आधार गायत्री माता हैं। देशबंधु ने कहा कि गायत्री मंत्र की साधना व्यक्ति के जीवन को आध्यात्मिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर समृद्ध बनाती है। गायत्री उपासना से लोक और परलोक दोनों सँवरते हैं तथा साधक को श्रेष्ठ संस्कार, तेजस्विता और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। कार्यक्रम का शुभारंभ मां गायत्री के चित्र के समक्ष ग्राम प्रधान बलव...
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