बलिया, मार्च 17 -- भीमपुरा। गायत्री परिवार की ओर से खरऊपुर उसकर गांव में आयोजित नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ के तीसरे दिन यज्ञशाला में तैंतीस कोटि देवताओं का आवाहन, पूजन, अर्चन और यज्ञ भगवान को आहुति दी गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे और उन्होंने यज्ञ में अपनी भागीदारी निभाई। शांतिकुंज हरिद्वार के टोली नायक दयानंद सरस्वती ने कहा कि यज्ञ का उद्देश्य विश्वशांति, राष्ट्र में भाईचारा, स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण, वैश्विक महामारी से छुटकारा दिलाने और नारी शक्ति का उत्थान करना है। बताया कि गायत्री महायज्ञ में सामूहिक जाप से बुद्धि पवित्र होती है। उचित निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है और कुविचार नष्ट होते हैं। यज्ञ 18 मार्च को पूर्णाहुति के साथ समाप्त होगा। यज्ञशाला में मुख्य यजमान के रूप में रामप्रसाद एवं उनकी धर्मपत्नी सविता ने दे...