सिद्धार्थ, मार्च 10 -- सोहना। बिस्कोहर कस्बे के भरौली कैथोलिया में चल रहे पांच दिवसीय गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा के चौथे दिन रविवार की रात कथा व्यास कैलाश नाथ तिवारी ने प्रज्ञा पुराण की महिमा का वर्णन किया। इसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। कथा व्यास ने बताया कि 24 कलाओं से पूर्ण महाप्रज्ञा गायत्री का अवतार हो चुका है। मां गायत्री कामधेनु, कल्पवृक्ष और पारसमणि के समान हैं, जो साधक के जीवन को सुख, समृद्धि और ज्ञान से भर देती हैं। गायत्री मंत्र की संध्या साधना प्रत्येक नर-नारी को नियमित रूप से करनी चाहिए। इससे मन की शुद्धि होती है, आत्मिक शक्ति बढ़ती है और जीवन के संकट दूर होते हैं। इस मौके पर मिठाई लाल यादव, आदर्श राम मौर्य, जंगली यादव, लवकुश यादव, स्वामीनाथ तिवारी आदि मौजूद रहे।

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