घाटशिला, दिसम्बर 9 -- डुमरिया। राज्य सरकार के समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरणे पहुंचाने का दावा खोखली साबित हो रही है। दूररदराज और पहाड़ों के किनारे बसे गांव के लोग आज भी जिल्लत की जिंदगी जीने को मजबूर हो रहे है। ताजा मामला डुमरिया प्रखंड की कांटाशोल पंचायत के पितामाहली गांव के गाड़ियाटांड़ी टोला का है। यह गांव पहाड़ के किनारे बसा है और गांव से मुख्य सड़क की दूरी लगभग तीन किलोमीटर है। गांव में सड़क नहीं होने के साथ-साथ मुख्य सड़क पर पहुंचने को लेकर दो पहाड़ी नाला लाढूं हो एवं दूसरी लुपरू हो है। अभी भी इस नाले में पानी है। गाडियाटांडी टोला के कोल व सरदार जनजाति के लगभग 25 परिवार के लोग दशकों से रहते आ रहे हैं। महिला झुलस गयी, जिसे खटिया पर ले गये ग्रामीण सोमवार की अहले सुबह नयी नवेली दुल्हन दात्की पूर्ति खाना बनाने के समय आग से झुलस...
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