गाजियाबाद, अप्रैल 29 -- गाजियाबाद जिले में व्यावसायिक संपत्तियों के किरायानामों को लेकर बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। निबंधन विभाग की जांच में खुलासा हुआ कि शोरूम संचालकों ने लाखों रुपये के किराये के समझौते महज 100 रुपये के स्टांप पेपर पर तैयार कर रखे हैं। ऐसे 35 शोरूम संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। निबंधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, किसी भी संपत्ति को किराये पर देने के लिए किरायानामा पंजीकृत कराना जरूरी है। पहले पंजीकरण कराने के लिए एक साल के किराये का पांच फीसदी स्टांप शुल्क लगता था। ऐसे में स्टांप बचाने के लिए लोग मात्र 100 रुपये के स्टांप पर ही नोटरी कराकर किरायानामा बनवा लेते थे। हालांकि, किसी भी विवाद की स्थिति में यह मान्य नहीं होता। यह भी पढ़ें- गाजियाबाद में पेयजल संकट दूर करने के लिए नए नलकूप लगेंगे; इन इलाकों में राहतन्यूनत...