आजमगढ़, मई 7 -- आजमगढ़, संवाददाता। किसानों के लिए मुसीबत बनी गाजर घास के नियंत्रण के लिए अब विशेष कीट 'मैक्सिकन बीटल' का सहारा लिया जाएगा। खरपतवार अनुसंधान निदेशालय, जबलपुर के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित यह कीट कृषि विभाग के माध्यम से किसानों को नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इसके प्रभाव से दो से तीन माह में परिणाम दिखने लगेंगे। गाजर घास, जिसे पार्थेनियम, चटक चांदनी और कांग्रेस घास के नाम से भी जाना जाता है, किसानों के लिए लगातार समस्या बनी हुई है। यह न केवल फसलों के उत्पादन को प्रभावित करती है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। इसकी जड़ों से निकलने वाले विषैले तत्व फसलों की वृद्धि रोकते हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इसके संपर्क में आने से त्वचा रोग, एलर्जी और सांस संबंधी बीमारियां भी हो सकती हैं। जानकारी के अनुसार, यह...