मुजफ्फरपुर, मार्च 8 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। अपने सपने को पूरा करने को जहां लोग महानगर का रुख करते हैं। लेकिन, जिले में कई महिलाएं ऐसी भी हैं, जिन्होंने ग्रामीण महिलाओं के लिए कुछ करने के सपने को लेकर महानगर ही नहीं, विदेश तक छोड़ दिया। उन्होंने गांव में रहना तय किया। इन महिलाओं ने गांव और समाज को संवारने के लिए बड़ी नौकरी और अपने सपने त्याग दिये।किसी ने आईटी की जॉब छोड़ी तो किसी ने उच्च शिक्षा लेकर गांव में ही रहना तय किया। सकरा की शफा ने जॉब छोड़कर महिलाओं के लिए रोजगार का रास्ता खोला तो रूपा मुशहर बस्ती में एजुकेशनल केंद्र वहीं की बच्चियों के सहयोग से चला रही हैं। वहां का हर घर 50 रुपए का सहयोग इसके लिए दे रहा है। विदेश से पढ़ाई करने और नौकरी का मौका मिलने के बाद भी ब्रह्मपुरा की सानंदा लौट आईं और अपनी आयुर्वेद की डिग्री का इस्तेम...
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