गांव में 10 सालों तक पढ़ाया, फिर BPSC क्रैक कर बने DSP; काफी प्रेरणादायक है कहानी
नई दिल्ली, अगस्त 10 -- मशहूर कवि दुष्यंत कुमार की एक पंक्ति है कि कौन कहता है आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों। यानी असफलता से डरे बिना यदि पूरी ताकत से प्रयास किया जाए, तो बड़ी से बड़ी बाधा को पार किया जा सकता है। कुछ ऐसा ही मिसाल पेश किया है बिहार के सारण जिले के रहने वाले अंकित कुमार ने। अंकित ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा में सफलता हासिल कर डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) का पद प्राप्त किया है। हालांकि यहां तक पहुंचना उनके लिए आसान नहीं था। बेहद सामान्य परिवार से आने वाले अंकित कुमार के पास थी सीमित संसाधन कंधों पर जिम्मेदारियां और रास्तों की अनेक चुनौतियां, लेकिन इसके बावजूद अपनी तैयारी के दम पर यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने BPSC परीक्षा में 333वीं रैंक हासिल की। अंकित की सफलता इस बात क...
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