लखनऊ, अगस्त 1 -- Highcourt bench Lucknow: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने यूपी सरकार के एक हजार से कम आबादी वाले गांव के विलय के आदेश को सही ठहराया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम के तहत ग्राम पंचायत के गठन और उसके अस्तित्व के लिए कानून में निर्धारित न्यूनतम जनसंख्या की शर्त पूरी होना अनिवार्य है और इसके लिए ग्राम पंचायत की आबादी का निर्धारण वर्तमान आबादी के आधार पर नहीं, बल्कि अंतिम प्रकाशित जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही किया जाएगा। न्यायालय ने गोण्डा के करुआ ग्राम पंचायत को समाप्त कर उसका कुम्हरौरा ग्राम पंचायत में विलय करने के राज्य सरकार के फैसले को वैध ठहराया है। न्यायमूर्ति आलोक माथुर व न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने गुड़िया गोस्वामी समेत 293 अन्य लोगों की याचिका खारिज करते हुए यह निर्ण...