बागपत, मई 3 -- बागपत। एलपीजी संकट ने ग्रामीण महिलाओं को डेढ़ दशक पुराने दौर में पहुंचा दिया है। ग्रामीण इलाकों और उज्ज्वला कनेक्शन धारकों के लिए 45 दिन का लॉक पीरियड है। इसके बाद ही बुकिंग करा सकते हैं। बुकिंग के बाद डीएसी नम्बर आने के पांच दिन बाद गैस मिल पा रही है। ऐसे में बड़े परिवारों की महिलाएं चूल्हा जलाने के लिए जंगल से लकड़ियां बीन कर लाने को मजबूर हो गई हैं। रसोई गैस की किल्लत के बीच कई महिलाएं सिर पर लकड़ियों का बोझ ढोने को मजबूर हैं। कई महिलाएं घर के सदस्यों के मजदूरी पर जाते ही जंगलों की ओर निकल पड़ती हैं। मिट्टी के चूल्हे पर खाना बनाने के लिए जंगल जाकर लकड़ियां लाने को मजूबर हैं। बागपत-चमरावल मार्ग पर इन दिनों ऐसी कई महिलाएं जंगल से लकड़ियों का बोझ घर लाती दिख जाएंगी। सुबह की पहली किरण के साथ ही जंगलों में जाकर लकड़ी एकत्र करने ल...
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