वाराणसी, मार्च 18 -- वाराणसी, हिटी। पेयजल संरक्षण और भूगर्भ जलस्रोत बनाए रखने के लिए अमृत सरोवर योजना से गांवों में लाखों खर्च कर तालाबों का सुंदरीकरण कराया गया, लेकिन अफसरों की उदासीनता और निगरानी नहीं होने से तालाबों के 'अमृत' सूखने लगे हैं। हालात यह है कि तालाब कहीं मवेशियों के लिए चारागाह बने हैं तो बच्चे क्रिकेट मैदान के रूप में भी इस्तेमाल कर रहे हैं। यह मामला मंगलवार को आपके अपने अखबार 'हिंदुस्तान' की पड़ताल में सामने आया है। केस नंबर 1चिरईगांव ब्लॉक के नरायनपुर में जिला पंचायत ने वर्ष 2022-23 में पंचम राज्य वित्त आयोग ने 14 लाख रुपये से आधा एकड़ जमीन पर अमृत सरोवर खोदवाया। घाट, कुर्सी तथा लाइटिंग की व्यवस्था की गई। महज तीन-चार साल में ही सबकुछ उजड़ गया। सरोवर के नाम सूखा गड्ढा है जिसमें झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। ग्रामीण गौरव सिंह का ...