गांधी के आह्वान पर गोरखपुर ने भी थामी थी स्वाधीनता की मशाल
गोरखपुर, अक्टूबर 2 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। महात्मा गांधी का गोरखपुर से रिश्ता भले ही महज एक दिन की यात्रा का रहा, लेकिन इस एक दिन ने पूर्वांचल के स्वतंत्रता आंदोलन की दिशा पर गहरी छाप छोड़ी। गांधी के आह्वान पर गोरखपुर ने भी स्वाधीनता की मशाल थामी थी। 8 फरवरी 1921 को गांधी पहली और आखिरी बार गोरखपुर पहुंचे थे। उनके आगमन पर रेलवे स्टेशन से लेकर शहर तक लोगों में जबरदस्त उत्साह था। बाले मियां के मैदान में हुई सभा में बड़ी संख्या में लोग जुटे। ऐतिहासिक स्रोतों में इस भीड़ का अनुमान एक लाख से लेकर डेढ़ लाख से अधिक तक मिलता है। इसका जिक्र यूजीसी के अप्रूव्ड रिसर्च पेपर शोध संचार बुलेटिन में मिलता है, जिसे दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के इतिहास के विभाग के डॉ. मनोज कुमार तिवारी ने लिखा है। उन्होंने इस शोध पत्र में लिखा है कि गां...
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