गांधीजी की डाइट और आज की इंटरमिटेंट फास्टिंग में क्या कनेक्शन है? जानें
नई दिल्ली, सितम्बर 30 -- आजकल फिट रहने के लिए लोग सिर्फ एक्सरसाइज पर ही नहीं, बल्कि इस बात पर भी ध्यान दे रहे हैं कि कब खाना है, कितना खाना है और क्या खाना है। इंटरमिटेंट फास्टिंग, माइंडफुल ईटिंग और सिंपल डाइट जैसे ट्रेंड इसी वजह से काफी पॉपुलर हो रहे हैं। लेकिन खाने की आदतों को लेकर इतना सोचना कोई नई बात नहीं है। महात्मा गांधी भी अपने खाने को लेकर काफी सजग रहते थे। उन्होंने अलग-अलग समय पर अपने खाने में बदलाव किए और कई बार उपवास भी रखा। वह यह समझना चाहते थे कि खाने की अलग-अलग आदतों का उनकी रोज की जिंदगी पर क्या असर पड़ता है। उनके लिए कम खाना या उपवास रखना सिर्फ वजन से जुड़ी बात नहीं थी।गांधी जी खाने को लेकर इतना ध्यान क्यों देते थे? गांधी जी के लिए खाना सिर्फ भूख मिटाने की चीज नहीं था। वह इस बात पर ध्यान देते थे कि वह क्या खा रहे हैं और क...
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