कानपुर, मार्च 4 -- यूपी में पुलिस पर मादक पदार्थ तस्करी को लेकर अक्सर वर्दी पर आरोप लगते रहे हैं। जब बड़े तस्कर पकड़े तो उन्होंने भी पुलिसकर्मियों के नाम लिए लेकिन विभागीय मामला होने के चलते अफसर इसे दबा लेते थे। हालांकि इस बार कानपुर पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने विभाग में तैनात मादक पदार्थ तस्करी के विभीषणों की पहचान के लिए आईपीएस सुमित सुधाकर रामटेके को लगाया। मामले जांच बिठाई गई। इसके बाद एक सप्ताह की जांच में चार पुलिस कर्मचारियों के नाम सामने आए। इन पर गांजा बिकवाने में सहयोग करने, संरक्षण देने, तस्करों से मिलीभगत और संलिप्तता के आरोप लगे हैं।पनकी चौकी मंदिर प्रभारी श्रवण कुमार मामले की जांच-पड़ताल तेज हुई तो चौंकाने वाली बात सामने आई है। यहां इलाके में लंगड़ी नाम की महिला है जो गांजे की पुड़िया लंबे समय से बेच रही है। ग्राहक बनकर पूछत...
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