सिमडेगा, मार्च 30 -- सिमडेगा, प्रतिनिधि। जिले में तापमान बढ़ने के साथ ही जल संकट गहराता जा रहा है। एक ओर जहां भीषण गर्मी ने लोगों की प्यास बढ़ा दी है। वहीं दूसरी ओर पेयजल व्यवस्था की बदहाल स्थिति ने आमजन की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। हालात यह है कि शहर से लेकर गांव तक लोग पानी के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं और मजबूरी में जार वाला पानी खरीदकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। जिले में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार करीब 14 हजार चापाकलों में से लगभग साढ़े पांच सौ खराब पड़े हैं। इन चापाकलों की मरम्मत समय पर नहीं होने के कारण कई मोहल्लों और गांवों में पेयजल का संकट गहरा गया है। ग्रामीण इलाकों में तो चापाकल ही पानी का मुख्य साधन होता है, ऐसे में इनके खराब होने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। जलापूर्ति व्यवस्था की बात करें तो जिले में छोटे-बड़े मिलाकर क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.